Peer-Review policy

पुनर्विलोकन (Peer-Review policy)

• गुरुकुल पत्रिका में शोधपत्र मूल्याङ्कन कराने के पश्चात् प्रकाशित कराये जाते हैं। अतः विद्वान् लेखकों से अनुरोध है कि वे वही शोधपत्र इस पत्रिका के लिए प्रेषित करें, जो सब प्रकार से शोध की कसौटी पर खरे हों।

• शोध निबन्ध मौलिक होना चाहिए किसी अन्य विद्वान् की पुस्तक अथवा निबन्ध की नकल करके शोधपत्र भेजना बौद्धिक अपराध तथा अपनी प्रतिभा का हनन है।

• गुरुकुल पत्रिका में केवल शोध निबन्ध ही प्रकाशित किए जाते हैं। जिनमें शोध-प्रविधि का प्रयोग नहीं किया गया है, ऐसे लेखों को प्रकाशित करना सम्भव नहीं होगा।

• किसी अन्य पत्रिका में पूर्व प्रकाशित निबन्ध को पुनः प्रकाशित करने के लिए न भेजें।

परीक्षकत्व

प्राप्त शोधपत्रों को बाह्य परीक्षकों के पास मूल्याङ्कन हेतु प्रेषित किया जाता है तथा उनके द्वारा मूल्यांकित/ निर्दिष्ट संशोधनों के आधार पर ही प्रकाशनार्थ स्वीकार किया जाता है।

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